अध्याय: 6 पुष्पी पादपों का शारीर

1. द्विबीजपत्री मूल में संवहन केंबियम: –

  • अनुपस्थित है
  • मूल में पूरी तरह से माध्यमिक है
  • एक सतत वलय नहीं बनता है
  • फ्लोएम बंडलों के ठीक ऊपर ऊतक से निकलती है
उत्तर
मूल में पूरी तरह से माध्यमिक है

2. निम्नलिखित में से किस पादप के फ्लोएम में सह कोशिकाएँ नहीं होती हैं?

  • साइकस
  • नीम
  • आम
  • सागौन
उत्तर
साइकस

3. संवहनी बंडलों का आकार……………… के आकार पर निर्भर करता है।

  • शिराओं
  • वायु गुहाओं
  • हरित लवक
  • उपरोक्त सभी
उत्तर
शिराओं

4. निम्नलिखित में से किसकी दारू में वाहिकाएँ नहीं होती हैं?

  • साइकस
  • आम
  • नीम
  • सागौन
उत्तर
साइकस

5. शीत ऋृतु के समय बनने वाली काष्ठ को कहा जाता है:

  • अग्र काष्ठ
  • बसंत काष्‍ठ
  • शरद् काष्ठ
  • मध्यवर्ती काष्ठ
उत्तर
शरद् काष्ठ

6. उस पादप का नाम क्या है जिसमें सिस्टोलिथ पायी जाती है?

  • फाइकस
  • मेज
  • आम
  • सागौन
उत्तर
फाइकस

7. मृदूतक कोशिकाएँ जो जाइलम और फ्लोएम के बीच स्थित होती हैं, कहलाती हैं:

  • पूरक कोशिकाएं
  • संयोजी कोशिकाएँ
  • मज्जा
  • बल्कुट
उत्तर
संयोजी कोशिकाएँ

8. वाहिकाएँ तथा सखी कोशिकाएँ किसमें अनुपस्थित रहती हैं?

  • इफेड्रा
  • साइकस
  • सूरजमुखी
  • आम
उत्तर
साइकस

9. एकबीजपत्री पत्ती में संवहनी बंडल का समान आकार…………. के कारण होता है।

  • जालिकारूपी शिराविन्यास
  • समानांतर शिराविन्यास
  • शाखित शिराविन्यास
  • अरीय शिराविन्यास
उत्तर
समानांतर शिराविन्यास

10. मध्यादिदारूक आदिदारू पाया जाता है।

  • सरसों की जड़ में
  • सरसों के तने में
  • टेरिस के राइजोम में
  • साइकस की कोरेलायड जड़ों में
उत्तर
सरसों के तने में

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